नज़रिया – १

दोपहर का वक्त था। अर्जुन चुपचाप अपने डेस्क पर बैठा था—अकेला, कुछ सोच में डूबा हुआ। क्रिश ने अर्जुन को खाने के लिए बुलाया और अपना टिफिन लिए डाइनिंग रूम की तरफ चल दिया। क्रिश अर्जुन के साथ ही काम करता था और उसका काफी करीबी दोस्त था। अर्जुन अपने ख्यालों में इस कदर खोया … Continue reading नज़रिया – १